कोटा बैराज से छोड़ें पानी से जलस्तर 126 तक पहुंचा, चेतावनी स्तर से महज 2 मीटर नीचे चंबल

कोटा बैराज से छोड़ें पानी से जलस्तर 126 तक पहुंचा, चेतावनी स्तर से महज 2 मीटर नीचे चंबल
आंगई बांध से 1 लाख 10 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से पार्वती, उटंगन में उफान जारी
एसडीएम सृष्टि सिंह ने चंबल के साथ उटंगन नदी के जलस्तर का लिया जाएगा, बाढ़ चौकिया पर अधिनिष्थो को अलर्ट के निर्देश
पिनाहट। राजस्थान,मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में लगातार 48 से घंटे से लगातार हुई झमाझम बारिश के चलते नदियों पर बंने बांधों में पानी की आवक बनी हुई है। और बांधों में पानी बढ़ने के साथ ही पानी को आगे के लिए डिस्चार्ज किया जा रहा है। जिसके चलते नदियों में उफान लगातार जारी है। बुधवार को राजस्थान के कोटा बैराज से चंबल नदी में 3 लाख की क्यूसेक पानी छोड़ गया।वही चंबल की सहायक नदियां काली, सिंध और पार्वती नदियों के पानी की आवक चंबल नदी में होने के चलते बृहस्पतिवार रात से नदी के जलस्तर में लगातार तेजी के साथ इजाफा हुआ।और चंबल नदी का जलस्तर पिनाहट घाट पर बढ़कर शुक्रवार शाम तक 126 मीटर तक पहुंच गया। चेतावनी स्टार 128 मीटर से महज 2 मीटर नीचे चंबल पहुंच गई है। जिसे लेकर चंबल नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने की भी चेतावनी जारी की गई है। कछार के खेतों में पानी पहुंचने से किसानो की चिंता बढ़ गई है। वहीं राजस्थान के करौली आंगई बांध में बरसात के पानी की आवक होने के चलते बांध के 16 गेट खोलकर उटंगन नदी में 1 लाख 10 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिससे कई बर्षो बाद पार्वती उटंगन नदी में उफान आ गया है। लगातार जलस्तर नदी का बढ़ता जा रहा है। नदी के उसे पर जाने वाले रास्ते पर पूरी तरह से डूब गए हैं। नदी के कछार के खेतों में फासले पूरी तरह से जलमग्न होकर नष्ट हो गई है। जिसके चलते अन्नदाता के सामने परेशानी खड़ी हो जाएगी। वहीं जिला प्रशासन द्वारा चेतावनी जारी की गई है कि नदियां उफान पर है। आसपास के गांव के ग्रामीण नदियों के पास ना जाएं निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे वही अधिनिष्थ अधिकारियों को भी अलर्ट जारी किया गया है। फिलहाल चंबल नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।
एसडीएम ने चंबल और उटांगन का लिया जायजा, दिए जरूरी निर्देश
चंबल नदी और उटंगन नदी में पानी छोड़े जाने के बाद उफान पर है। तटवर्ती इलाकों में नदियों का पानी बढ़ता जा रहा है कहीं बाढ़ जैसे हालात न हो जाए इसके लिए प्रशासन द्वारा पूरी तरह से कमर कस ली गई है। नदियों के उफान को लेकर शुक्रवार को सुबह एसडीएम बाह सृष्टि सिंह अपने अधिनिष्थ अधिकारियों के साथ चंबल नदी के घाट पर बढ़ते हुए जलस्तर का जायजा लेने के लिए पहुंची जहां उन्होंने नदी के बढ़ते हुए जलस्तर को लेकर बाढ़ चौकिया पर लेखपाल और कानून को की तैनाती के साथ अधिकारियों को अलर्ट रहने के लिए निर्देशित किया। वहीं निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की चेतावनी दी गई। ताकि किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न ना हो सके। वहीं एसडीएम ने अपने अधिनिष्थ अधिकारियों के साथ उटंगन नदी के जलस्तर का भी जायजा लिया और निर्देशित किया।
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